Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!

क्यों मनाया जाता है भाई दूज? Story of Bhai Dooj 2018

दोस्तों आज आपको भाई दूज (Bhai Dooj / Bhaiya Duj) के पर्व का महत्त्व, यह क्यों मनाते है, इसकी पूजा विधि और महूर्त की जानकारी देंगे. तो पढ़िए यह लेख.

भाई दूज के त्योहार (Bhai Dooj 2018) की भारत मे बहुत मान्यता है और दीवाली (Diwali 2018) के एक दिन बाद मनाए जाने वाले भाई बहन के प्यार को समर्पित इस त्योहार को बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है। इस दिन बहन अपने भाई के प्रति अपने प्यार को जताते हुए उन्हें तोहफे देती हैं। इस दिन नए कपड़े पहन कर लोग खूब ख़रीदारी करते हैं और भाई बहन भी एक दूसरे को खुश करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते हैं।

Bhai Dooj Story | Bhai Dooj Kyo Manate hai

क्यों मनाया जाता है भाई दूज? / Story of Bhai Dooj

शास्त्रों के अनुसार सूर्य को उनकी पत्नी संज्ञा से 2 संतान थे जिसमें से एक थे पुत्र यमराज और दूसरी थीं पुत्री यमुना। संज्ञा सूर्य के तेज को सहन नहीं कर पाई थीं इसी कारण उन्होंने अपनी एक छायामूर्ति का निर्माण किया और अपने दोनों बच्चों को उन्हें सौंप कर ध्यानमग्न होने चली गईं। छाया को यम और यमुना से न केवल लगाव था बल्कि वह उन दोनों को अपनी संतानों की तरह प्रेम करती थीं।

यम अपनी बहन यमुना से बहुत ज्यादा प्रेम करते थे , लेकिन अपने कर्तव्यों और कामों में इतना उलझे रहते थे कि उनसे मिलने ही नहीं जा पाते थे। इसी कारण यमुना अपने प्रिय भाई यम से बहुत नाराज हो गईं और उनकी इसी नाराज़गी को दूर करने के लिए एक दिन यम उनसे मिलने चले गए। अपने भाई को देख कर यमुना की खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा, यमुना ने अपने हाथों से उनके लिए भोजन बनाया और उनका बहुत आदर सत्कार किया।

बहन का अपने प्रति इतना प्यार देख कर यम बेहद खुश हो गए और उन्हें बहुत सारे तोहफे भी दिए जिस से यमुना अत्यधिक खुश हो गईं। यम जब अपनी बहन से मिलने के बाद जब लौटने लगे तो खुश होकर उन्होंने उनसे वरदान मांगने को कहा, इतना सुनते ही यमुना ने कहा कि अगर आप मुझे कुछ देना ही चाहते हैं तो एक वादा दीजिये की आप हर साल इस दिन मुझसे मिलने आएंगे। कहा जाता है उस दिन के बाद से ही हर साल उसी दिन भाई दूज का त्योहार धूम धाम से मनाया जाता है।

भाई दूज की क्या मान्यता है? / Importance of Bhai Dooj Festival 2018

भाई दूज भारत का एक प्रमुख और बेहद ही महत्वपूर्ण त्योहार है जिसे हर साल बहुत ही हर्षोउल्लास से मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी आयु और उनके सुखमय जीवन की कामना करते हुए भगवान से प्राथना करती हैं। इस दिन बहने अपने भाइयों को टिका लगाती हैं और उनको खुश रहने का आशीर्वाद देती हैं।

इस त्योहार को गोवा, महाराष्ट्र और कर्नाटक में भाई बीज , नेपाल में भाई टिका, बंगाल में भाऊ-द्विज, भाई फोटा और मणिपुर में निंगोल चकबा के रूप में मनाया जाता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर की माने तो यह त्योहार कार्तिक के महीने में शुक्ल पक्ष के दूसरे दिन मनाया जाता है।

सभी बहनें सुबह सुबह उठ कर अपने भाइयों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखमय जीवन की कामना करते हुए देवी माँ और भगवान की पूजा करती हैं। पूजा का अनुष्ठान आयोजन करने के बाद उनके माथे पर टिका , दही और चावल डालकर टिके की रस्म को पूरा करती हैं। जिसके बाद भाई को मिठाई खिला कर दोनों भाई बहन एक दूसरे को तोहफे देते हैं और बड़ों के पैर छू कर आशीर्वाद लेते हैं।

यह त्योहार भाई बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक माना जाता है जिसे यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। भारत में इसे यहा के प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है जिसे कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष के द्वितीया को मनाया जाता है। इस दिन बहने अपने भाइयों के लिए कामना करती हैं तो वहीं भाई अपनी बहनों को उपहार देकर उन्हें खुश रखने का वादा करते हैं।

ये भी पढ़िए:

जन्माष्टमी त्यौहार 

अक्षय तृतीय का महत्त्व

होली का पर्व 

Raksha Bandhan Kya Hai

भाई दूज सुभ मुहूर्त क्या है? / Bhai Dooj 2018 Mahurat

साल 2018 में भाई दूज के इस पावन त्योहार को मनाने का शुभ मुहूर्त और तिलक करने का सही समय दिन में 01 बज कर 09 मिनट से लेकर 03 बज कर 17 मिनट तक रहेगा।

भाई दूज की पूजा विधि-

इस दिन सबसे पहले सुबह सुबह उठ कर भगवान विष्णु और श्री गणेश की पूजा अर्चना की जाती है जिसके बाद बह और भाई तैयार होकर साथ में बैठते हैं और टीका की रस्म शुरू की जाती है।

स्कन्दपुराण के अनुसार इस दिन पूजा की विधि बाकी विधियों से अलग होती है। इस दिन भाई अपने बहनों के घर जाकर उनके हाथ का बनाया हुआ भोजन करते हैं, अगर बहन की शादी ना भी हुई हो तो बहनों के हाथ का भोजन आज के दिन खाना शुभ माना जाता है। भोजन के बाद बहनों को गहने, कपड़े आदि भेंट में दिए जाते हैं। इस दिन यमुनाजी
में स्नान करना बेहद शुभ माना जाता है।

भाई दूज 2018 में की जाने वाली खरीदारी –

भाई दुज से पहले ही बाज़ारों में भीड़ लगने लगती है और खरीदारी शुरू हो जाती है। इस दिन महिलाएं दिल खोल कर खरीदारी करती हैं। भाई दूज के दिन सुबह से ही बाज़ारों में भीड़ लगने लगती है और नारियल की बिक्री बढ़ जाती है क्योंकि भाई दूज में नारियल का बहुत महत्व है। दीवाली और धनतेरस के बाज़ारों में भाई दूज की रौनक देखते ही बनती है। जहाँ दुकानों के बाहर नारियल और गोले सजे नज़र आते हैं तो वहीं मिठाइयों की दुकानों में भी भीड़ कम होने का नाम नहीं लेती है।

इस दिन नारियल की बिक्री में हुई बढ़ोतरी के कारण नारियल के दामों में भी खास बढ़ोतरी देखने को मिल जाती है। मिठाइयों के दाम भी इस दिन आसमान छूते हैं लेकिन आपको बाजार में तरह तरह की मिठाइयां देखने को मिल जाएंगी।

Conclusion:

भाई दूज को हर साल बड़े ही खुशी और धूमधाम से मनाया जाता है और इसे किसी बड़े पर्व से कम नहीं समझा जाता है। इस दिन भाई बहन अपने बैर भूल कर एक दूसरे के प्रति अपना प्यार दिखाते हैं और हमेशा एक दूसरे का साथ  निभाने का वादा करते हैं।

दोस्तों उम्मीद है कि यह भाई दूज / Bhai Dooj 2018 का आर्टिकल आपको पसंद आया होगा और भाई दूज से जुड़ी हुई सभी जानकारी आपको मिल गयी होगी और आपके सभी डाउट खत्म हो गए होंगे। आशा करते हैं कि यह आर्टिकल आपके लिए सहायक साबित होगा। इस लेख को फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सअप्प & अन्य नेटवर्क में पने दोस्त और  groups में share करिए. धन्यवाद्.

Raj Dixit

दोस्तों मै Hindi-Quotes.in का admin हूँ अगर आपको यह ब्लॉग पसंद आया हो तो फेसबुक पेज LIKE करे और आप comments भी करें. आपका feedback हमारे लिए बहुत आवश्यक है. ThanksRaj Dixit G+: https://goo.gl/bco7ez

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *